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चचा साम के नाम मंटो के खत-6 / सआदत हसन मंटो
छठा खत
खत गुम हो गया !
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बन्दर और लकड़ी का खूंटा / मित्रभेद-पंचतंत्र / पं. विष्णु शर्मा (The Monkey and The Wedge Story In Hindi)
एक समय शहर से कुछ ही दूरी पर एक मंदिर का निर्माण किया जा रहा था। मंदिर में लकडी का काम बहुत था इसलिए लकडी चीरने वाले बहुत से मज़दूर काम ...
एनिमल फार्म / जॉर्ज ऑर्वेल / 7
7 कड़ाके की सर्दियाँ पड़ीं। तूफानी मौसम अपने साथ ओले और हिमपात ले कर आया। उसके बाद जो कड़ा पाला पड़ा, वह फरवरी तक बना रहा। पशु पवनचक्क...
व्यापारी का पतन और उदय / मित्रभेद-पंचतंत्र / पं. विष्णु शर्मा (Fall And Rise Of The Merchant)
वर्धमान नामक एक शहर में एक बहुत ही कुशल व्यापारी रहता था। राजा को उसकी क्षमताओं के बारे में पता था, और इसलिए उसने उसे राज्य का प्रशासक ब...
एनिमल फार्म / जॉर्ज ऑर्वेल / 2
2 तीन रात बाद जनाब मेजर नींद में ही चल बसे। उनका शव फलोद्यान के आगे दफना दिया गया। मार्च का महीना शुरू हो चुका था। अगले तीन महीनों...
राजपूत कैदी / लेव तालस्तोय
धर्म सिंह नामी राजपूत राजपूताना की सेना में एक अफसर था। एक दिन माता की पत्री आई कि मैं बूढ़ी होती जाती हूँ, मरने से पहले एक बार तुम्हें दे...
एनिमल फार्म / जॉर्ज ऑर्वेल / 3
3 उन्होंने सूखी घास काटने के लिए खूब जम कर मेहनत की। खून-पसीना एक कर दिया। लेकिन उनकी मेहनत रंग लाई। सूखी घास की फसल उनकी उम्मीदों से ...
एनिमल फार्म / जॉर्ज ऑर्वेल
क़िताब: एनिमल फार्म लेख़क: जॉर्ज ऑर्वेल अनुवाद: सूरज प्रका श जॉर्ज ऑरवेल का लघु उपन्यास बोलशेविक क्रांति की विफलता पर व्यंग्य है...
नन्हा राजकुमार / सैंतेक्जूपेरी
नन्हा राजकुमार एंटोनी दे संतएक्सुपेय बाल साहित्य; उपन्यास नन्हा राजकुमार एक मशहूर बाल नोविला या नावेल है | यह मूल रूप से फ्रेंच भाषा मैं लि...
बू / सआदत हसन मंटो
बरसात के यही दिन थे. खिड़की के बाहर पीपल के पत्ते इसी तरह नहा रहे थे सागवन के स्प्रिन्गदार पलंग पर, जो अब खिड़की के पास थोड़ा इधर सरका दिय...
एनिमल फार्म / जॉर्ज ऑर्वेल / 1
1 नर फार्म यानी ताल्लुकाबाड़े के मिस्टर जोंस ने रात के लिए मुर्गियों के दड़बों को ताला तो लगा दिया था, लेकिन वह इतना ज्यादा पिए हुए था...